Wed , Feb 04 2026
六火大灾火次大六火大次大六火大大大次大大次
Story:
एक पुरानी किताबों की दुकान थी। दिन भर में बस
6-7 ग्राहक आते। मालिक परेशान नहीं होता था।
वो हर ग्राहक से एक ही सवाल पूछता-
"किस तरह की किताब ढ्ँढ रहे हो ?"
कोई प्रतियोगी
परीक्षा, कोई कहानी, कोई पुरानी याद। वो किताब
नहीं देता था, वो नाम लिख लेता था।
अगले हफ्ते किताब आ जाती। और ग्राहक भी।
धीरे-धीरे लोग कहने लगे-
"वहॉ जाओ, वो ढँढ देता है।" अब दुकान में भीड़ नहीं
है, पर हर चेहरा जाना-पहचाना है।
सीख (Lesson):
धंधा भीड से नहीं, रिश्ते से चलता है।
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